भारतीय संस्कृति
समाज में अच्छा मेल मिलाप था
आओ जी कहकर मान सम्मान देते थे
एक दूसरे के दुख दर्द में शरीक होते थे
गले मिलकर प्यार बांटते थे
किसकी नजर लग गई मेरी संस्कृति और संस्कारों को
कोराना ने ऐसा मतभेद पैदा किए
अपने अपनों से मास्क लगाकर मुंह छुपा रहे
ब्लड के रिश्ते भी चकनाचूर किए
अपने अपनों को कंधा देने से बच रहे
हमारी संस्कृति और संस्कार ऐसे तो नहीं
कोरोना भी जाएगा पृथ्वी के मानव
हौसलो एवं उमंग को रख कायम
कोरोना भी एक दिन चला जाएगा फिर वही दिन लौट आएंगे
सरकारी दिशा निर्देशों का पालन कर अपनों के रहे टच में ,खून के रिश्तो को रख कायम ,संस्कृति और संस्कारों को रख टच में
आओ मैं भी मिलकर तुम भी मिलकर सरकारी दिशानिर्देशों का पालन कर अपनी संस्कृति सभ्यता और संस्कारों को रखें कायम
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