समाजशास्त्र की उत्पत्ति(Emergence of sociology)
1-समाजशास्त्र का जन्म 19वीं शताब्दी के प्रारंभ में हुआ|
2- समूह के क्रियाकलापों में भाग लेने के लिए आवश्यक है कि समस्याओं को सुलझाया जाए इन्हीं प्रयत्नों के परिणाम स्वरुप ही समाजशास्त्र की उत्पत्ति हुई है|
3- सामाजिक ज्ञान की विभिन्न शाखाओं जैसे राजनीति शास्त्र ,मनोविज्ञान ,अर्थशास्त्र, भूगोल ,दर्शनशास्त्र, इतिहास आदि के बीच पाए जाने वाले आधारों की खोज के प्रयास के परिणाम स्वरूप समाजशास्त्र की उत्पत्ति हुई |
4-19वीं शताब्दी के प्रारंभ में फ्रांस के विचारक अगस्त काम्टे ने समाजशास्त्र का नाम सामाजिक भौतिकी रखा और 1838 में बदलकर समाजशास्त्र रखा |इस कारण से अगस्त काम्टे को "समाजशास्त्र का जनक "कहा जाता है|
5-फ्रांस के पश्चात अमेरिका में समाजशास्त्र का अध्ययन कार्य सर्वप्रथम 1876 ईसवी में येल विश्वविद्यालय से प्रारंभ हुआ और इस विषय का सर्वाधिक विकास अमेरिका में ही हुआ है| अमेरिकी समाज शास्त्रियों में समनर ,सोरोकिन ,आगबर्न , मैकाइवर एवं पेज ,यंग ,लुंडवर्ग ,किंग्सले डेविस,पार संस, मर्टन प्रमुख हैं|
6- समाजशास्त्र को एक विषय के रूप में विकसित करने में दुर्खीम, स्पेंसर तथा मैक्स वेबर आदि विद्वानों के विचारों का काफी योगदान रहा है |
7-भारत में समाजशास्त्र के उद्भव का विकास का इतिहास काफी प्राचीन है |
8-भारत में समाजशास्त्र विभाग 1919 में मुंबई विद्यालय में शुरू हुआ तथा औपचारिक अध्ययन शुरू हुआ, जबकि मुंबई विश्वविद्यालय में जबकि मुंबई विश्वविद्यालय में पैट्रिक गैडिस की अध्यक्षता में समाजशास्त्र विभाग का गठन किया गया|
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